वाणिज्यिक बागवानी योजना - राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, रा.बा.बो.

वाणिज्यिक बागवानी योजना के लिए दिशानिर्देश

बागवानी फसलों के उत्पादन एवं कटाई-पश्चात प्रबंधन के माध्यम से वाणिज्यिक बागवानी का विकास

खुले क्षेत्र में और संरक्षित स्थितियों में वाणिज्यिक उत्पादन इकाईयों की स्थापना से संबंधित और उत्पादों की फसल-कटाई पश्चात प्रबंधन तथा प्राथमिक प्रसंस्करण परियोजनाएं इस योजना के अंतर्गत सहायता के लिए संलग्नक-प्प्प् में दिए गए लागत प्रतिमानकों के अनुसार पात्र है। तथापि, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों, पंचायतों, सहकारिताओं, पंजीकृत सोसायटियों/ट्रस्टों और पब्लिक लि॰ कम्पनी जैसे संस्थानों के लिए सहायिकी का क्र्रडिट-लिंक्ड होना जरूरी नहीं है बशर्त कि वें परियोजना लागत के बाकी हिस्से को अपने संसाधनों से पूरा करें। ऐसी परियोजनाओं का मूल्यांकन राबाबो द्वारा अनुमोदित मूल्यांकन एजेन्सी द्वारा किया जाएगा।

घटको का विवरण तथा सहायता का तरीका

1. खुले क्षेत्र की परिस्थितियों में वाणिज्यिक बागवानी के विकास की परियोजना

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड खुले क्षेत्र की परिस्थितियों वाली एकीकृत वाणिज्यिक बागवानी विकास की परियोजनाओं को स्वीकार करेगा जिसमें पौध रोपण सामग्री, बागान, सिंचाई, फर्टिगेशन, मशीनीकरण, प्रेसिजन खेती, गैप आदि घटक शमिल है और यह परियोजना 2.00 हे. (5 एकड) से अधिक वाले क्षेत्रों के लिए है तथा इसमें फार्म पीएचएम घटक तथा प्राथमिक प्रसंस्करण इकाईया सहित एकीकृत उत्पादन इकाई को भी शमिल किया जाएगा। नए बागान की लागत फसल वार फसल अलग होगी जिस पर लाभार्थी को सहायता प्रदान करते समय विचार किया जाएगा। इस घटक के अंतर्गत मशरूम की एकीकृत उत्पादन इकाई और टिशु कल्चर भी सहायता के लिए पात्र होगी। उत्पादकता बढ़ाने के लिए मौजूदा/नए बगीचों/परियोजनाओं के लिए सहायता हेतु इस योजना के अंतर्गत ये घटक जैसे फार्म मशीनरी और पीएचएम अवसंरचना, सिंचाई और माइक्रो सिंचाई आदि पात्र होंगे।

सहायता का तरीका

सामान्य क्षेत्रों में कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत की दर से प्रति परियोजना रु॰ 30.00 लाख तक और उत्तरपूर्वी, पहाड़ी व जनजातीय क्षेत्रों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत की दर से प्रति परियोजना रु॰ 37.50 लाख तक क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एन्डिड सहायिकी प्रदान की जाएगी।

2. संरक्षित कवर में वाणिज्यिक बागवानी का विकास की परियोजना

बोर्ड संरक्षित कवर के अंतर्गत वाणिज्यिक बागवानी विकास की परियोजनाओं को भी स्वीकार करेगा जिसमें पौध रोपण सामग्री, बागान, सिंचाई, फर्टिगेशन, मशीनीकरण आदि घटक शामिल होंगे और यह परियोजना 2500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के लिए होगी। ग्रीन हाउसों का निर्माण, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक मूलचिनिंग और प्लास्टिक टयूनल, एंटी बर्ड/हेल नेट आदि जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसी संरचनाओं के निर्माण की लागत को कम करने हेतु उपलब्ध स्थानीय सामग्री का उपयोग करने को वरीयता दी जाएगी।

सहायता का तरीका

क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एन्डिड सहायिकी कुल परियोजना लागत के 50 प्रतिशत की दर से रु॰ 56.00 लाख प्रति परियोजना तक ग्रीन हाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टयूनल, एंटी बर्ड/हेल नेट तथा पौध रोपण सामग्री की लागत आदि के लिए स्वीकार्य लागत प्रतिमानकों के अनुसार प्रदान की जाएगी।

3. एकीकृत फसल -कटाई पश्चात प्रबंधन परियोजनाए

बोर्ड पैक हाउस, राइपनिंग चेम्बर, रेफर वेन, खुदरा बिक्री केन्द्र, पूर्व शीतलन इकाई, प्राथमिक प्रसंस्करण आदि से संबंधित एकीकृत फसल-कटाई उपरान्त प्रबंधन परियोजनाओं को स्वीकार करेगा।

सहायता का तरीका

सामान्य क्षेत्रों में कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत की दर से प्रति परियोजना रु॰ 50.75 लाख तक और उत्तरपूर्वी, पहाड़ी व जनजातीय क्षेत्रों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत की दर से प्रति परियोजना रु॰ 72.50 लाख तक क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एन्डिड सहायिकी प्रदान की जाएगी।

4. सामान्य शर्ते

  • परियोजना के वित्तपोषण के साधन के रूप में ऋण घटक बैकिंग अथवा गैर-बैकिंग वित्तीय संस्थानों से सावधि ऋण होना चाहिए और रा.बा.बो. की क्रेडिट लिंक्ड परियोजनाओं में सहायिकी राशि को ऋणदाता बैंकों/वित्तीय संस्थानों द्वारा मंजूर किए गए सावधि ऋण के बराबर सीमित किया जाएगा।
  • विभिन्न घटकों के लिए मानक लागत रा.बा.बो. द्वारा निर्धारित होगी।
  • शीत सग्रहगार योजना के विशिष्ट घटकों का लाभ सहायता के अतिरिक्त प्रवर्तकों के लिए भी उपलब्ध होगा जिसे वाणिज्यिक बागवानी योजना के तहत उत्पादन और पीएचएम घटकों के लिए समेकित परियोजनाओं की स्थापना हेतु दिया जाएगा।
  • नई इकाईयों की स्थापना से संबंधित परियोजनाओं का तकनीकी तथा वित्तीय दृष्टि से मूल्यांकन किया जाएगा जिससे कि उद्यमी को अद्यतन उपलब्ध प्रौद्योगिकी को शामिल करने की दिशा में समर्थ बनाया जा सके।
  • प्रत्येक मद के निर्धारत प्रतिमानकों के तहत लाभार्थी द्वारा पीएचएम अवसंरचना घटकों के संघटन के लिए सहायता भी ली जा सकती है।
वाणिज्यिक बागवानी योजना

रा.बा.बो. की योजनाओं की जानकारी

  1. वाणिज्यिक बागवानी योजना
  2. कोल्ड स्टोरेज योजना
  3. प्रौद्योगिकी विकास और हस्तांतरण योजना दिशानिर्देश
  4. बागवानी फसलों के लिए बाजार सूचना सेवा योजना
  5. बागवानी संवर्धन सेवा
बागवानी की सभी फसलों के बारे में जानने के लिए "बागवानी की फसले" पर जाएँ। यदि आपको इस टोपिक से संबन्धित कोई समस्या है तो आप वेधड़क कम्मेण्ट कर सकते हैं।

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